Dialysis Patient Diet Chart in Hindi

अधिकतर लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि किडनी फेल होने की स्थिति में डायलिसिस प्रक्रिया को इस्तेमाल में लाया जाता है। दरअसल, जब किडनी सही से काम करना बंद कर देती है, तो खून को साफ कर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए डायलिसिस की प्रक्रिया को अपनाया जाता है (1)। इस स्थिति में किडनी मरीजों को खान-पान के प्रति बड़ा सजग रहना पड़ता है। डाइट से जुड़ी जरा सी गड़बड़ किडनी की कार्यक्षमता के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए बड़े जोखिम खड़े कर सकती है (2)। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम आपको डायलिसिस पेशेंट्स की सही डाइट के बारे में बता रहे हैं। साथ ही यहां हम डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट का सैम्पल भी देंगे, जिससे इस बात को समझने में अधिक आसानी होगी।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए आर्टिकल के पहले भाग में हम डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट के बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

विषय सूची

  • डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट – Sample Diet Plan for Dialysis in Hindi
  • डायलिसिस में क्या खाएं – Foods for Dialysis In Hindi
  • इन चीजों का भी कर सकते हैं सेवन
  • डायलिसिस में परहेज – Foods to Avoid in Dialysis in Hindi (Add In Points)
  • डायलिसिस के इलाज के लिए आपकी जीवनशैली – Lifestyle changes in Dialysis Treatment In Hindi (Add In Points)
  • डायलिसिस डाइट के फायदे – Benefits Of The Dialysis Diet in Hindi
  • डायलिसिस डाइट के नुकसान – Side Effects Of The Dialysis Diet in Hindi
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट – Sample Diet Plan for Dialysis in Hindi

डायलिसिस पेशेंट्स के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना अच्छा माना जाता है(4/' target='_blank' rel='noopener noreferrer' >3)। साथ ही इस दौरान ऐसे खाद्य को लेने की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट, मिनरल और तरल की मात्रा को संतुलित रखा जा सके (4)। इसी आधार पर यहां हम डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट का एक नमूना दे रहे हैं।

नोट: यदि आपको उपरोक्त बताए गए किसी भी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है तो उसका सेवन न करें। यह एक नमूना आहार चार्ट है। इसलिए व्यक्ति की स्थिति, उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर इसमें संभावित परिवर्तन किए जा सकते हैं। इसलिए इस डाइट चार्ट को इस्तेमाल में लाने से पूर्व डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

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यहां अब हम डायलिसिस डाइट में क्या-क्या शामिल किया जा सकता है, यह जानेंगे।

डायलिसिस में क्या खाएं – Foods for Dialysis In Hindi

यहां हम उन खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन डायलिसिस की स्थिति में लाभकारी साबित हो सकता है। यह खाद्य कुछ इस प्रकार हैं :

ब्लैकबेरी: सिर्फ स्वाद में बढ़िया नहीं बल्कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भी ब्लैकबेरी का सेवन फायदेमंद हो सकता। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च पेपर के अनुसार, ब्लैकबेरी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, किडनी फेल होने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं (5)।

अंडे का सफेद भाग: डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजर रहे मरीजों के लिए भी अंडे के फायदे उपयोगी हो सकते हैं। डायलिसिस के मरीजों के लिए अंडे का सफेद भाग खाना अच्छा माना जाता है। दरअसल, डायलिसिस के पेशेंट को हर दिन 225 से 280 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में शरीर में प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए अंडे का सफेद भाग अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इस आधार पर डायलिसिस पेशेंट डाइट चार्ट में अंडे के सफेद भाग को शामिल किया जा सकता है (4)।

ऑलिव ऑयल: स्वास्थ्य के लिए एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल काफी उपयोगी माना जाता है। ऐसे में इसका सेवन डायलिसिस पेशेंट्स के लिए भी सहायक माना जा सकता है। वजह यह है कि इसमें पाए जाने वाले ओलेयुरोपिन, हाइड्रॉक्सीटेरोसोल और ओलिक एसिड में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं, जो किडनी के खराब होने के जोखिम को कम कर सकते हैं (6)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल डायलिसिस मरीजों के लिए कुछ हद तक सहायक हो सकता है। इसलिए खाना बनाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

ओट्स: क्रोनिक किडनी डिजीज के मरीजों के लिए ओट्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एक शोध में इसकी पुष्टि होती है। शोध में बताया गया है कि ओट्स का सेवन करने से किडनी के मरीजों के सीरम एल्ब्युमिन और सीरम पोटेशियम में सुधार हो सकता है। ऐसे में डायलिसिस रोगियों के डाइट चार्ट में ओट्स को शामिल किया जा सकता है (7)।

शहद: डायलिसिस के दौरान किडनी के मरीजों में इंफेक्शन होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में शहद का सेवन लाभकारी हो सकता है। एक शोध के मुताबिक, शहद में एंटीमाइक्रोबियल व एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो किडनी रोगियों को इंफेक्शन से बचाने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं। इसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि डायलिसिस पेशेंट्स के लिए शहद का उपयोग लाभकारी हो सकता है (8) ।

मछली: मछली को भी डायलिसिस रोगियों के डाइट चार्ट में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, डायलिसिस में प्रोटीन की आवश्यकता होती है। वहीं मछली शरीर में प्रोटीन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकती है (9)। ऐसे में मछली को डायलिसिस पेशेंट्स अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं। बशर्ते, इसका सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाए, क्योंकि डायलिसिस के मरीजों के लिए सही खाना ही नहीं, बल्कि सही मात्रा में खाना भी उतना ही जरूरी है।

इन चीजों का भी कर सकते हैं सेवन

डायलिसिस पेशेंट्स को कम पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में हम नीचे कुछ विशेष खाद्यों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें डायलिसिस मरीज सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं (9):

  • फल: बेरी, अंगूर, चेरी, सेब, आलूबुखारा
  • सब्जी: पत्ता गोभी, प्याज, बैंगन, शलजम
  • प्रोटीन: चिकन, फिश, अंडे, बिना नमक के तैयार सी फूड
  • कार्ब्स: व्हाइट ब्रेड, सैंडविच, पास्ता
  • ड्रिंक्स: पानी, डाइट सोडा, बिना चीनी की चाय

उपरोक्त बताई गई सभी चीजें किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। इसके बावजूद किसी भी चीज का अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें व इनका सेवन करने से पहले एक बार आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

पढ़ते रहें लेख

लेख में आगे हम उन खाद्यों के बारे में जानेंगे, जिन्हें डायलिसिस के दौरान न लेने की सलाह दी जाती है।

डायलिसिस में परहेज – Foods to Avoid in Dialysis in Hindi (Add In Points)

डायलिसिस के लिए डाइट चार्ट को फॉलो करने के साथ-साथ उन खाद्यों के बारे में भी जानना जरूरी है, जिनसे इस दौरान परहेज करने की सलाह दी जाती है। यह खाद्य कुछ इस प्रकार हैं :

  • ज्यादा नमक वाले भोजन से दूरी बनाकर रखें (4)।
  • जिन सब्जियों और फलों में उच्च मात्रा में पोटेशियम होता है जैसे संतरा, कीवी, आलू, टमाटर, एवोकाडो आदि को डाइट में शामिल करने से बचें (4)।
  • जिन खाद्य पदार्थों में फास्फोरस की उच्च मात्रा हो जैसे : - मिल्क, चीज और योगर्ट का सेवन न करें (4)।
  • अचार, सॉफ्ट ड्रिंक्स, ड्राई फिश, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आदि का सेवन न करें (10)।

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यहां हम डायलिसिस पेशेंट्स के लिए जरूरी जीवनशैली से जुड़ी कुछ बातें बताएंगे।

डायलिसिस के इलाज के लिए आपकी जीवनशैली – Lifestyle changes in Dialysis Treatment In Hindi (Add In Points)

डायलिसिस के इलाज के दौरान डाइट के साथ जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की भी जरूरत होती है। इसलिए यहां हम डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजरने वाले मरीजों के लिए आवश्यक ध्यान रखने योग्य बताने जा रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

रोजाना एक्सरसाइज करें: डायलिसिस पेशेंट्स में पोषण की कमी होने के कारण डिप्रेशन में होने का जोखिम होता है(11)। ऐसे में नियमित एक्सरसाइज करने से शरीर को फिट रखने के साथ डिप्रेशन के खतरे को भी कम किया जा सकता है। ध्यान रखें, एक्सरसाइज किसी एक्सपर्ट की देख रेख में ही करें।

डाइट का रखें खास ख्याल: तले हुए खाने का सेवन न करके उबला हुआ या ग्रिल किया हुआ खाना खाएं। गेहूं की रोटी, डोनट, समोसा, भजिया, क्रीम युक्त कॉफी, मेयोनीज आदि का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। इन चीजों का डायलिसिस में परहेज करना चाहिए (12)।

स्मोकिंग से परहेज करें: स्मोकिंग किडनी की स्थिति को पहले से ज्यादा बदतर बना सकता है। इसलिए बेहतर होगा इससे दूरी बनाकर रखें (13)।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें: किडनी रोगियों में ब्लड प्रेशर का नियंत्रित रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए खाने में सोडियम की मात्रा कम लेने के साथ पर्याप्त नींद और समय पर दवा लें (13)।

अत्यधिक भोजन न करें।

  • घर पर बने खाने का सेवन करें।
  • सोने का टाइमटेबल बनाएं। हर रोज समय पर सोएं और समय से उठजाएं।

लेख में आगे बढ़ें

लेख के अगले भाग में हम डायलिसिस डाइट से होने वाले फायदों से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे।

डायलिसिस डाइट के फायदे – Benefits Of The Dialysis Diet in Hindi

डायलिसिस रोगियों के लिए डाइट चार्ट से जुड़ी जानकारी लेख में पहली ही दी जा चुकी है। अब यहां हम कुछ बिन्दुओं के माध्यम से डायलिसिस डाइट को इस्तेमाल में लाने से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। यह फायदे कुछ इस प्रकार हैं :

  • शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के साथ ही डायलिसिस डाइट मरीज के शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकती है। इससे मरीज का स्वास्थ्य कुछ हद तक बेहतर हो सकता है। साथ ही मरीज अधिक लंबे समय तक सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकता है (14)।
  • क्रोनिक किडनी डिजीज में डाइट का विशेष ध्यान रखने से प्रोटीन्यूरिया (यूरिन में प्रोटीन), ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने वाला प्रोटीन) को नियंत्रित रखा जा सकता है (15)।
  • गंभीर रूप से किडनी खराब होने की स्थिति में आहार पर ध्यान देने से किडनी की स्थिति में सुधार के साथ ही हृदय व हड्डियों से संबंधित रोगों से बचाव में मदद मिल सकती है (15)।

लेख को अंत तक पढ़ें

आइए लेख के अंतिम भाग में अब हम डायलिसिस डाइट से होने वाले नुकसान को भी समझ लेते हैं।

डायलिसिस डाइट के नुकसान – Side Effects Of The Dialysis Diet in Hindi

जिस तरह डायलिसिस डाइट चार्ट को फॉलो करने से लाभ हो सकते हैं, उसी तरह कई बार इसके कुछ दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। यह दुष्परिणाम कुछ इस प्रकार हैं:

  • डायलिसिस पेशेंट्स का कम मात्रा में सोडियम और लिक्विड लेना फायदेमंद माना जाता है। कई बार इसके कारण शरीर में प्रोटीन की कमी भी हो सकती है, जबकि डायलिसिस में मरीजों को प्रोटीन की अधिक मात्रा की जरूरत होती है (16)।
  • डायलिसिस पेशेंट्स को सीमित मात्रा में पोटैशियम लेने की सलाह दी जाती है, जिस वजह से रोगी में हाइपोक्लेमिया (पोटेशियम की कमी) होने का जोखिम बढ़ जाता है (17)।
  • किडनी पेशेंट्स के लिए खाने पीने को लेकर सख्त नियम होते हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। यही कारण है कि कई किडनी रोग पेशेंट्स कुपोषण का शिकार हो जाते हैं (2)।

डायलिसिस रोगियों के लिए डाइट चार्ट के महत्व का अंदाजा तो आपको हो ही गया होगा। इसके साथ ही इस लेख के माध्यम से आपको डायलिसिस में परहेज के साथ किन चीजों को आहार में शामिल करना है, यह भी पता चला। ऐसे में गंभीर किडनी रोगी इस लेख की मदद से अपने लिए एक उपयुक्त डायलिसिस डाइट चार्ट बना सकता है। इससे मरीज की सेहत और स्वास्थ्य में तो सुधर होगा ही, साथ ही उसका जीवनकाल भी बढ़ सकेगा। मगर, यह जरूर ध्यान रखें कि डायलिसिस की स्थिति किसी भी किडनी मरीज के लिए बहुत नाजुक होती है। इसलिए किसी भी डाइट को फॉलो करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कौन सा फल डायलिसिस के लिए अच्छा है?

डायलिसिस में ब्लैकबेरी फल का सेवन अच्छा माना जा सकता है। वजह यह है कि इसका नियमित सेवन किडनी स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है (5)।

क्या पानी पीना डायलिसिस में मदद कर सकता है?

डायलिसिस में अधिक पानी पीना परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए इस दौरान पानी की मात्रा का खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है (4)। साथ ही मरीज की स्थिति के आधार पर एक डॉक्टर ही तय कर सकता है कि इसके लिए कितना पानी पीना सुरक्षित है। इसलिए इस संबंध में डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर रहेगा।

क्या अंडे किडनी के स्वास्थ्य के लिए खराब हैं?

नहीं, अंडे का सेवन किडनी के लिए अच्छा माना जाता है। बशर्ते, ध्यान रखें कि आप इसका कैसे सेवन कर रहे हैं। किडनी के लिए अंडे का सफेद हिस्सा खाने की सलाह दी जाती है (4)।

क्या डायलिसिस के मरीज चावल का सेवन कर सकते हैं?

हां, डायलिसिस के मरीज संतुलित मात्रा में चावल का सेवन कर सकते हैं (18)।

क्या डायलिसिस के मरीजों के लिए नींबू का सेवन अच्छा होता है?

हां, डायलिसिस के मरीजों के लिए नींबू का सेवन अच्छा है। दरअसल, क्रोनिक किडनी डिजीज में फास्फोरस की कम मात्रा लेने की सलाह दी जाती है। क्योंकि शरीर में फास्फोरस का उच्च स्तर हड्डियों को कमजोर बना सकता है। वहीं नींबू में फास्फोरस की सीमित मात्रा होती है, जिस वजह से डायलिसिस के मरीजों के लिए नींबू का सेवन अच्छा माना जाता है (18)।

क्या दूध पीना डायलिसिस के मरीजों के लिए अच्छा है?

हां, डायलिसिस के मरीज सीमित मात्रा में लो फैट मिल्क ले सकते हैं। हालांकि दूध में फास्फोरस और पोटेशियम उच्च मात्रा में होते हैं, जिस वजह से इसे आहार में शामिल करने से पहले एक बार चिकित्सक से जरूर परामर्श लें (19)।